14 जनवरी 2023 - 16:31
अमीर अब्दुल्लाहियान की लेबनान यात्रा

ईरान के विदेशमंत्री ने अपनी आधिकारिक लेबनान यात्रा के इस देश के अपने समकक्ष के साथ भेंटवार्ता की।

विदेश मंत्रालय का पद ग्रहण करने के बाद हुसैन अमीर अब्दुल्लाहियान की यह तीसरी लेबनान की यात्रा है। 

लेबनान वह देश है जिसको इस्लामी गणतंत्र ईरान की विदेश नीति में विशेष स्थान प्राप्त है।  ईरान, लेबनान के प्रतिरोध का समर्थक रहा है।  ज़ायोनी शासन के विरुद्ध युद्ध में उसने लेबनानी प्रतिरोध का ही समर्थन किया था।  ईरान सदा से लेबनान के भीतर शांति एवं स्थिरता पर बल देता आया है।  उसका मानना है कि मतभेदों से दूर रहकर लेबनानी राजनीतिक दल राजनीतिक समाधान से इस देश की समस्याओं का समाधान कर सकते हैं।  अमीर अब्दुल्लाहियान की लेबनान यात्रा में ईरान के इस दृष्टिको पर फिर बल दिया गया। 

उन्होंने कहा कि अपने मित्र देश लेबनान के आंतरिक मामलों में इस्लामी गणतंत्र ईरान कोई हस्तक्षेप नहीं करेगा।  उनका कहना था कि वे इस देश के राजनैतिक दलों के बीच वार्ता प्रक्रिया का समर्थन करते हैं।  विशेष बात यह है कि ईरान कठिन परिस्थतियों में भी लेबनान का समर्थक रहा है।  हालांकि लेबनान के समर्थन का दावा करने वाले विदेशी इस देश की समस्याओं पर मौन धारण किये हुए हैं। 

कहीं-कहीं पर तो वे लेबनान के भीतर उन गुटों और दलों का समर्थन करते हैं जो इस देश की शांति एवं सुरक्षा से खिलवाड़ करते हैं।  लेबनान इस समय गंभीर आर्थिक संकट से गुज़र रहा है।  इस गंभीर आर्थिक संकट का मुख्य कारण अमरीकी प्रतिबंध हैं।  इसके अतिरिक्त लेबनान के लिए दी जाने वाली सहायता पर रोक लगाना भी शामिल है। 

जानकारों का कहना है कि सऊदी अरब सहित कुछ सरकारों ने सन 2021 के दौरान लेबनान पर अधिक से अधिक दबाव डालकर इस देश की समस्याओं में बढ़ाने का काम किया है।  इसके विपरीत इस्लामी गणतंत्र ईरान ने लेबनान के लिए ईंधन भेजकर इस देश की जनता की समस्याओं को कम करने के प्रयास किये हैं।  ईरान की यह नीति अब भी जारी है।

ईरान के विदेशमंत्री हुसैन अमीर अब्दु्ल्लाहियान ने इसी संदर्भ में कहा कि तेहरान, लेबनानी जनता के दुखदर्द को कम करने के लिए बिजली और ऊर्जा के क्षेत्र में अधिक सहायता करने के लिए तैयार है।  सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अवैध ज़ायोनी शासन के संदर्भ में ईरान और लेबनान के समान दृष्टिकोण पाए जाते हैं।

दोनो ही फ़िलिस्तीनियों के विरुद्ध ज़ायोनी अत्याचारों की कड़े शब्दों में निंदा करते हैं।  इसीलिए लेबनान के विदेशमंत्री ने ईरान के अपने समकक्ष के साथ भेंटवार्ता में कहा कि मस्जिदुल अक़सा में ज़ायोनी शासन के सुरक्षा मंत्री के प्रवेष की हम भर्त्सना करते हैं।  उन्होंने कहा कि हमने विश्व समुदाय से मांग की है कि वह इस्राईल के अतिक्रमण को रोकने के लिए अपने कर्तव्यों का उचित ढंग से निर्वाह करे।


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